केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युद्ध जैसी स्थिति चाहते, तो पाकिस्तान का नक्शा ही मिट गया होता। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा संयम और जिम्मेदारी के साथ फैसले लिए हैं, लेकिन देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया।
रामदास आठवले ने कहा कि पहलगाम में जब हमारे लोगों की हत्या की गई, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए इसका करारा जवाब दिया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई में सौ से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। आठवले यह बयान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दे रहे थे।
ओवैसी ने क्या कहा था?
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान में कहा था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके देश से पकड़ सकते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को पाकिस्तान से भारत वापस लाने के लिए किसी ऑपरेशन को हरी झंडी दे सकते हैं।
ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदास आठवले ने कहा कि भारत की सैन्य और कूटनीतिक क्षमता पर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए हर जरूरी कदम उठाने में सक्षम है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है।
