देहरादून।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमिटी की अध्यक्षता में अहम फैसला लिया गया है कि मनरेगा को कमजोर और खत्म करने की केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और जनता के बीच जाकर सच सामने रखेगी।

कुमारी शैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों के लिए रोजगार देने की योजना लागू की गई थी, जिससे करोड़ों लोगों को काम मिला और वे गरीबी से बाहर निकल सके। मनरेगा जैसी योजना ने न सिर्फ गरीबों को रोजगार दिया, बल्कि उनके हाथों में सम्मानजनक काम भी सौंपा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से मनरेगा को खत्म करने का फैसला किया है। कांग्रेस ने हमेशा आम लोगों को मान-सम्मान और अधिकार देने का काम किया, जबकि मोदी सरकार लोगों से उनका सम्मान और अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश प्रभारी ने बताया कि केंद्र सरकार की मनरेगा विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस जनवरी से फरवरी के बीच प्रदेशभर में जनआंदोलन करेगी।
उन्होंने कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि—
-
10 जनवरी को हर जिले में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी।
-
11 जनवरी को जिला स्तर पर एक दिवसीय अनशन किया जाएगा।
-
29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल लगाई जाएंगी।
-
30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना दिया जाएगा।
-
31 जनवरी से 6 फरवरी तक “मनरेगा बचाओ धरना” आयोजित होगा।
-
7 से 15 फरवरी के बीच विधानसभा घेराव किया जाएगा, जिसकी तिथि शीघ्र तय की जाएगी।
कुमारी शैलजा ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को बताया जाएगा कि कैसे भाजपा सरकार ने लोगों की रोजी-रोटी के साथ अन्याय किया है और इसके क्या दुष्परिणाम होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी मामले पर भी प्रदेश प्रभारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई जगह सत्ता पक्ष से जुड़े लोग शामिल हैं, जिससे पूरे प्रदेश की भावनाएं आहत हैं। विपक्ष के नाते ऐसे संवेदनशील मुद्दों को उठाना कांग्रेस का कर्तव्य है और पार्टी आगे भी ऐसे मामलों को मजबूती से उठाती रहेगी।
उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच की मांग दोहराई और कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।


