हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के विज़न को धरातल पर उतारने में उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कुमाऊं दौरे के तीसरे दिन पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने महिला सशक्तीकरण, वोकल फॉर लोकल और ऊर्जा अवसंरचना सुदृढ़ीकरण से जुड़ी कई योजनाओं और परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने यूकॉस्ट देहरादून के माध्यम से चंपावत जनपद के खर्ककार्की में स्थापित महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र का भ्रमण किया। यह केंद्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महिला सशक्तीकरण एवं वोकल फॉर लोकल नीति के अंतर्गत महिलाओं को स्थानीय संसाधनों से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। केंद्र की स्थापना में पिटकुल द्वारा सीएसआर के तहत सहयोग प्रदान किया गया है।
इस केंद्र में महिलाओं को मंडुवा से मिलेट्स उत्पाद, बुरांश व माल्टा से जूस निर्माण, मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से धूप व सुगंधित तेल बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही पिरूल से ब्रिकेट्स निर्माण कर उन्नत चूल्हों के उपयोग के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मॉडल ग्रामीण आजीविका, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सतत विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।

🗣️ प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी का बयान
प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने कहा कि “चंपावत का महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र उत्तराखंड के लिए रोल मॉडल बनेगा। यह केंद्र दर्शाता है कि स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। पिटकुल ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी प्रतिबद्ध है।”
चंपावत से प्रस्थान के बाद प्रबंध निदेशक ने निर्माणाधीन 132 केवी उपकेंद्र खटीमा का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रांसफार्मरों की समय पर उपलब्धता को उपकेंद्रों के शीघ्र ऊर्जीकृत होने के लिए अनिवार्य बताते हुए गुणवत्ता, मात्रा और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने ट्रांसफार्मर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा कर निर्माणाधीन ट्रांसफार्मरों की समीक्षा की। कंपनी प्रबंधन ने तय समयसीमा के भीतर सभी यूनिट्स की आपूर्ति का आश्वासन दिया।
कुमाऊं क्षेत्र के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में पी.सी. ध्यानी ने “वर्क इज़ वर्शिप” की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” को आत्मसात करने पर जोर देते हुए लक्ष्य निर्धारित किया कि सरकार के “चार साल – बेमिसाल” पूर्ण होने पर कम से कम चार बिजलीघरों का समय से पूर्व लोकार्पण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया जाए। इस पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा— “हम होंगे कामयाब, बनाएंगे कीर्तिमान।”
देहरादून लौटते समय प्रबंध निदेशक ने रात्रि में बहादराबाद, हरिद्वार में प्रस्तावित 132 केवी बिजलीघर की भूमि का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को भूमि आबंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कुमाऊं भ्रमण के दौरान मुख्य अभियंता हितेंद्र ह्यांकी, पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता ललित बिष्ट, प्रज्ज्वल भास्कर, महेश रावत सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

