उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी बैठक संपन्न होने के बाद एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया है कि प्रभारी सुनीता गावंडे के साथ हल्द्वानी से हरिद्वार लौटते समय उन्हें चिड़ियापुर नहर मार्ग पर घने जंगल के बीच जबरन रोक लिया गया।

घटना रात लगभग 9:00 बजे की बताई जा रही है। महिला कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें एक घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया, लेकिन पूछने पर भी कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई मानने से इनकार करते हुए सत्ता के इशारे पर की गई खुली गुंडागर्दी करार दिया है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या लोकतंत्र में अब जनप्रतिनिधियों और महिला नेतृत्व को इस तरह डराया जाएगा? क्या संगठन की बैठक करना और सवाल उठाना अपराध बन गया है? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का यह रवैया लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की साजिश को उजागर करता है।
महिला कांग्रेस की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि डराने-धमकाने से आवाज़ें चुप नहीं होंगी। सत्य और संघर्ष को रोका नहीं जा सकता। संगठन ने दो टूक कहा कि यह लड़ाई सम्मान, अधिकार और लोकतंत्र की है, और कांग्रेस अन्याय के सामने झुकने वाली नहीं है।
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
