उत्तराखंड में करीब तीन महीने बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में जोरदार बारिश और बर्फबारी देखने को मिली है। बदरीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात हुआ, जिससे पहाड़ों पर सफेद चादर बिछ गई है और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
पर्यटन और खेती को राहत
लंबे समय से सूखे जैसे हालात झेल रहे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए यह बारिश और बर्फबारी राहत लेकर आई है। इससे पर्यटन गतिविधियों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है, वहीं खेती-किसानी के लिए भी यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। बर्फबारी के बाद चारधाम और अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों की खूबसूरती और बढ़ गई है।
सड़कों और बिजली पर असर
हालांकि खराब मौसम का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। कई पहाड़ी सड़कों पर बर्फ जमने और भूस्खलन के कारण आवाजाही बाधित हुई है। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिसे बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
हिमस्खलन का खतरा, अलर्ट जारी
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन को लेकर आज भी अलर्ट जारी किया है। लोगों और यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
12 जिलों में स्कूल बंद
खराब मौसम और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों में आज सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ घंटों तक पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है, ऐसे में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
