नैनीडांडा (पौड़ी गढ़वाल):
ब्लॉक नैनीडांडा की ग्राम पंचायत चिलाऊ, पट्टी बूंगी में हाथी और बाघ की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति की औपचारिक सूचना ग्रामीण श्री सोहन बिशन सिंह द्वारा प्रशासन और वन विभाग को दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सूचनाकर्ता सोहन बिशन सिंह के अनुसार, बाघ गांव की आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार घूम रहा है, जिससे छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। वहीं हाथी खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।

सूचना के बाद भी विभागों ने टाली जिम्मेदारी
सूचनाकर्ता सोहन सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने उपजिला अधिकारी धुमाकोट, दीबा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (FRO) तथा मैदावन खदरासी रेंज अधिकारी को भी अवगत कराया।
हालांकि, अधिकारियों द्वारा एक-दूसरे के क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए मामले को टाल दिया गया। दीबा रेंज द्वारा मैदावन रेंज से संपर्क करने को कहा गया, जबकि मैदावन रेंज ने ग्राम पंचायत चिलाऊ को अपने क्षेत्र से बाहर बताया। क्षेत्राधिकार की इस आपसी उलझन के कारण ग्रामीणों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग का मूल दायित्व मानव–वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करना और जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन चिलाऊ गांव में मौजूदा हालात इस दायित्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और बच्चों का स्कूल जाना भी खतरे से खाली नहीं है।
मुख्य वन संरक्षक को भेजा गया लिखित निवेदन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, ग्राम पंचायत चिलाऊ के ग्रामीणों ने मुख्य वन संरक्षक, वन विभाग उत्तराखंड को लिखित निवेदन भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। निवेदन में निम्न मांगें रखी गई हैं:
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हाथी, बाघ, टाइगर व गुलदार को पकड़ने अथवा नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई
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प्रभावित क्षेत्र में पिंजरे लगाए जाने की व्यवस्था
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वन विभाग की नियमित सुरक्षा गश्त
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ग्रामवासियों की जान–माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
प्रधान ने भी किया हस्तक्षेप
ग्राम पंचायत प्रधान श्रीमती मंजू देवी ने भी प्रशासन से अपील की है कि किसी अनहोनी से पहले तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

