उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में 77 वाँ गणतंत्र दिवस गरिमामय वातावरण में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने विश्वविद्यालय परिसर में ध्वज फहराया तथा विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित किया। ध्वज फहराने से पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित शौर्य दीवार पर जाकर राष्ट्र के वीर सपूतों को याद किया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. लोहनी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों का समुच्चय है। उन्होंने कहा कि हमें अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को समझना और उनका सम्मान करना चाहिए। जिस प्रकार की लोकतांत्रिक व्यवस्था हम अपने लिए चाहते हैं, वही व्यवस्था हमें दूसरों के लिए भी अपनानी चाहिए। साथ ही, अपने सहकर्मियों एवं अधीनस्थों के साथ भी लोकतांत्रिक भावना के साथ व्यवहार करना आवश्यक है।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से संविधान में निहित मूल्यों—स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया, ताकि एक स्वस्थ, समावेशी और सशक्त कार्य संस्कृति का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशांक शुक्ल ने किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, निदेशक प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. एम. एम. जोशी, प्रो. जितेंद्र पाण्डेय,प्रो गगन सिंह, प्रो. डिगर सिंह फर्सवान, प्रो. पी. के. सहगल, प्रो. आशुतोष भट्ट, प्रो. अरविन्द भट्ट सहित विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

