October 7, 2026
बदरीनाथ में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का भव्य समापन, सीएम धामी ने विजेताओं को किया सम्मानित
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बदरीनाथ में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का भव्य समापन, सीएम धामी ने विजेताओं को किया सम्मानित

चमोली : श्री बद्रीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित दो दिवसीय देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का भव्य समापन हुआ। “हमारी विरासत, हमारा भविष्य” थीम पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री ने बामणी गांव पहुंचकर नंदा अष्टमी उत्सव में ग्रामीणों के साथ सहभागिता की। उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए देवभूमि की लोक परंपराओं, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।

स्थानीय उत्पादों और महिला समूहों की सराहना

मुख्यमंत्री ने महोत्सव परिसर में लगे महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने से सीमांत क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सैन्य प्रदर्शनी ने युवाओं को किया प्रेरित

महोत्सव के दौरान भारतीय सेना द्वारा लगाई गई सैन्य प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होंने अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों की जानकारी लेते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्र सेवा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।

“विकास भी, विरासत भी” पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड की असली पहचान उसकी लोक संस्कृति, लोक गीत, लोक नृत्य और परंपराओं में निहित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र पर चलते हुए सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को समान गति से आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

वाइब्रेंट विलेज से सीमांत क्षेत्रों को मिल रही नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से माणा, नीति और जादुंग जैसे सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही पलायन रोकने और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए होमस्टे, कृषि, बागवानी, मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों की खेती तथा शीतकालीन एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 3.10 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों व हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।

समारोह में सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, डीएम गौरव कुमार, एसपी सुरजीत सिंह पंवार सहित भारतीय सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, युवा, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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