उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर प्रदेश का माहौल गरमा गया है। रविवार को राजधानी देहरादून में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने CBI जांच और कथित वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास घेरने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।

जानकारी के अनुसार, राज्य आंदोलनकारी संगठनों, सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने पहले परेड ग्राउंड में एक विशाल सभा की। इसके बाद सभी ने मुख्यमंत्री आवास कूच करने का ऐलान किया। हालांकि, देहरादून पुलिस ने सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को सीएम आवास से लगभग दो किलोमीटर पहले हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वनंतरा रिजॉर्ट से जुड़े इस हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, लेकिन अब तक कथित वीआईपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कथित रूप से भाजपा के एक पूर्व विधायक और उनकी पत्नी से जुड़े ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। इन वायरल क्लिप्स में कई नेताओं के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिससे जनता CBI जांच की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई है।

विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों का कहना है कि मामले में नए आरोप और सबूत सामने आने के बाद केवल CBI जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने में विफल रही है। इसी कारण विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया था।
फिलहाल, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित बताया है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। वहीं, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि CBI जांच और कथित वीआईपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
