वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी कार्रवाई में गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। इस घटनाक्रम को जहां संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है, वहीं मशहूर जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर ने इससे मिलने वाले दीर्घकालिक लाभों पर सवाल खड़े किए हैं।
इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में इयान ब्रेमर ने कहा कि अमेरिका में राजनीतिक हालात स्थिर नहीं हैं और डोनाल्ड ट्रंप का जनसमर्थन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत नहीं है। ऐसे में आने वाले समय में अमेरिकी नीतियों और फैसलों में बदलाव की पूरी संभावना बनी हुई है।
ब्रेमर के अनुसार, ट्रंप के कार्यकाल के बाद अमेरिका की विदेश नीति की दिशा बदल सकती है, जिससे मादुरो की गिरफ्तारी जैसे कदमों से मिलने वाला रणनीतिक फायदा अस्थायी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को वास्तविक और स्थायी लाभ तभी मिल सकता है, जब वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता आती है और वैश्विक तेल बाजार पर इसका सकारात्मक असर पड़ता है।
भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मादुरो की गिरफ्तारी ने लैटिन अमेरिका की राजनीति को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर ला खड़ा किया है। हालांकि, यह देखना अहम होगा कि अमेरिका इस घटनाक्रम को दीर्घकालिक रणनीतिक सफलता में कैसे बदल पाता है, या फिर यह सिर्फ एक राजनीतिक संदेश बनकर रह जाता है।
