देहरादून/कोटद्वार | 12 फ़रवरी 2026
लालढांग–चिल्लरखाल रोड निर्माण को लेकर वर्षों से लंबित मामला आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। T. N. Godavarman Thirumulpad vs Union of India वाद के अंतर्गत विचाराधीन इस परियोजना पर माननीय उच्चतम न्यायालय ने 12 फ़रवरी 2026 को महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक आदेश पारित करते हुए सड़क के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की अनुमति प्रदान कर दी है।
लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 4.7 किलोमीटर हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है। वन क्षेत्र से जुड़े कानूनी प्रावधानों के कारण यह परियोजना लंबे समय से रुकी हुई थी। अब न्यायालय के सकारात्मक आदेश के बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है।
इस निर्णय से लगभग 18 गाँवों और 40,000 से अधिक की आबादी को ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और व्यापार, पर्यटन, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होगी।
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स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से वे लगातार इस विषय पर प्रयासरत थीं। शासन स्तर पर संवाद, विभागीय समन्वय और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते आज यह सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद अनिल बलूनी, संबंधित अधिकारियों तथा क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि सड़क के सुदृढ़ीकरण से कोटद्वार और आसपास के ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
