धर्मनगरी हरिद्वार में माघ माह की पावन पौष पूर्णिमा के अवसर पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। तड़के भोर से ही हरकी पौड़ी सहित तमाम गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधिवत गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान को मोक्षदायी तथा मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला पर्व माना जाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि इस पावन तिथि पर देवी-देवता पृथ्वी पर अवतरित होकर स्वयं गंगा स्नान करते हैं, और उनके साथ स्नान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
पौष पूर्णिमा के दिन पितरों के श्राद्ध और तर्पण का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पूरे हरिद्वार में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। गंगा तटों पर “हर-हर गंगे” के जयकारे, मंत्रोच्चार और दीपदान से वातावरण दिव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
