ऋषिकेश।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में वन विभाग द्वारा खाली प्लॉटों के अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान रविवार को ऋषिकेश में हालात बेकाबू हो गए। शिवाजीनगर, बापूग्राम, सुमन विहार, नंदूफार्म, अमितग्राम और रूषा फार्म क्षेत्रों में वन विभाग की टीम द्वारा खाली प्लॉटों की सूची बनाकर साइनबोर्ड लगाने और जियो-टैगिंग किए जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

आक्रोशित लोगों ने हाईवे और बाईपास मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी मनसा देवी फाटक पर पहुंच गए और करीब पौने तीन घंटे तक ट्रेन को रोके रखा। रेलवे ट्रैक खाली कराने के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच नोकझोंक हो गई, जो देखते ही देखते पथराव में बदल गई। भीड़ द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को तितर-बितर किया, जिसके बाद ट्रेन संचालन बहाल हो सका।
वन विभाग की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार खाली प्लॉटों की पहचान कर उनकी जियो-टैगिंग की जा रही है और इसकी रिपोर्ट पांच जनवरी 2026 तक अदालत में प्रस्तुत की जानी है। इसी कार्रवाई के विरोध में लोग वन विभाग की टीम को कॉलोनियों में प्रवेश करने से रोक रहे हैं।
रविवार सुबह करीब 10 बजे अमितग्राम की छह नंबर गली के बाहर बाईपास मार्ग पर प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद भीड़ बाईपास मार्ग से होते हुए मनसा देवी फाटक पहुंची और चौराहे पर जाम लगा दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस बल तैनात किया गया है।

