रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि में बीते दिन हुए घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को स्थिति को लेकर हलचल बनी रही। जहां एक ओर अगस्त्य ऋषि मंदिर समिति का शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात करने पहुंचा, वहीं सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान समेत करीब 30 लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उनकी जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी।
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जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी ने मंदिर समिति के शिष्टमंडल से मुख्यालय के गुलाबराय स्थित एक होटल में मुलाकात की। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने देवरा यात्रा के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने भी स्थिति स्पष्ट की।
वहीं दूसरी ओर, त्रिभुवन चौहान समेत पंचकोटी गांव के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और करीब एक घंटे तक जिलाधिकारी का इंतजार किया, लेकिन जिलाधिकारी क्षेत्र भ्रमण पर होने के कारण उनसे भेंट नहीं हो सकी। बाद में मायूस होकर सभी लोग वापस लौट गए।
उल्लेखनीय है कि मुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान बीते बृहस्पतिवार को हुए घटनाक्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने देर सायं 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
घटनाक्रम के बाद गोल गेट टूटने की घटना के पश्चात मुनि महाराज की डोली ने खेल मैदान अगस्त्यमुनि स्थित गद्दीस्थल में भोग चढ़ाने के बाद शाम करीब छह बजे अगस्त्य मंदिर के लिए प्रस्थान किया। शुक्रवार सुबह डोली मंदिर से रवाना हुई और क्षेत्र के नाकोट और बसंत बिहार का भ्रमण कर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। डोली यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं।
गौरतलब है कि प्रसिद्ध अगस्त्य मंदिर में विराजमान मुनि महाराज की डोली 15 वर्षों बाद दिवारा यात्रा पर निकली है। मुनि महाराज केदारघाटी के 364 गांवों के आराध्य देव माने जाते हैं और वर्तमान में देवरा यात्रा पर हैं।

