देहरादून, 02 फरवरी 2026 (सू. ब्यूरो)।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में गृह विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग को प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महत्वपूर्ण मामलों की जनपद और पुलिस मुख्यालय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
अभियोजन व फॉरेंसिक सिस्टम को मजबूत करने पर जोर
मुख्य सचिव ने अभियोजन और फॉरेंसिक जांच प्रणाली को और अधिक मजबूत किए जाने पर बल देते हुए कहा कि इसकी प्रगति और निगरानी प्रभावी ढंग से की जाए। उन्होंने ई-समन व्यवस्था के विस्तार की आवश्यकता भी बताई।
हेल्पलाइन 1905 और थाना-तहसील दिवस की शुरुआत के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की जिलाधिकारी और एसएसपी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए। इसके साथ ही गृह और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए थाना और तहसील दिवस शुरू करने के निर्देश दिए।
इसके लिए एसओपी तैयार करने हेतु सचिव गृह, सचिव राजस्व, मंडलायुक्त और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह 2 से 3 कैम्प आयोजित किए जा सकते हैं।
थानों में जब्त वाहनों की नीलामी पर जोर
मुख्य सचिव ने थानों में लंबे समय से जमा जब्त वाहनों की नीलामी कर परिसर खाली कराने पर जोर दिया। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े वाहनों के डिस्पोजल के नए विकल्पों को एक्सप्लोर करने के निर्देश भी दिए।
पॉक्सो और साइबर क्राइम पर विशेष सख्ती
मुख्य सचिव ने पॉक्सो मामलों में त्वरित व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बढ़ते साइबर क्राइम पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके लिए ठोस कदम उठाने और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई और नशामुक्ति पर फोकस
उन्होंने वन स्टॉप सेंटर्स को और सशक्त करने, ड्रग्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई और एनकॉर्ड की मासिक बैठकों को समयबद्ध ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के अधिक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को नशे से बचाने में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि नशामुक्ति केंद्रों में ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के अनुपालन की निगरानी की जाए और बड़े सरकारी अस्पतालों में नशामुक्ति के लिए बेड रिजर्व करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनाई, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
