उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जोरदार बर्फबारी, पर्यटकों में उत्साह
पौड़ी/टिहरी/उत्तरकाशी:
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ समेत ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी ताजी बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फ से ढकी वादियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।
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पौड़ी में खिले पर्यटकों के चेहरे
पौड़ी जनपद में बारिश के बाद अब बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। बुआखाल, खिर्सू, टेका सहित आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया है। लंबे समय बाद हुई बर्फबारी से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दूर-दूर से लोग बर्फबारी का आनंद लेने पौड़ी पहुंच रहे है
पिथौरागढ़-मुनस्यारी में मौसम सुहावना
पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है। आदि कैलाश और ॐ पर्वत क्षेत्र में भारी हिमपात दर्ज किया गया है। लंबे इंतजार के बाद हुई बर्फबारी का पर्यटक जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
किसानों और बागवानों के लिए अमृत समान
लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं है। गेहूं, सरसों और दालों की फसल के लिए बारिश अमृत समान मानी जा रही है। वहीं सेब, आड़ू, खुबानी जैसी बागवानी फसलों के लिए ठंड और बर्फबारी बेहद जरूरी होती है। इससे मिट्टी में नमी बढ़ने के साथ-साथ कीट रोग भी नियंत्रित होते हैं।
जल स्रोतों और नदियों के लिए अहम
बर्फबारी से पहाड़ों के जल स्रोतों को भी जीवनदान मिलता है। बर्फ धीरे-धीरे पिघलकर नदियों और गाड़-गधेरों को पानी देती है, जिससे गर्मियों में जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद रहती है।
टिहरी-धनोल्टी और उत्तरकाशी में भी बर्फ की चादर
टिहरी जिले के धनोल्टी, सुरकंडा देवी मंदिर और नागटिब्बा की पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। नई टिहरी में भी हल्की बर्फबारी देखने को मिली। धनोल्टी में शाम चार बजे तक करीब एक फीट बर्फ जमने की खबर है, जिससे कुछ स्थानों पर वाहनों को धक्का लगाकर निकालना पड़ा।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी हुई है, जिससे चारधाम क्षेत्र में ठंड और बढ़ गई है।
बर्फबारी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ी इलाकों का रुख करेंगे, जिससे पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।

