देहरादून। मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले एकता विहार स्थित धरना स्थल पर डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 19वें दिन भी जारी रहा। धरनारत युवाओं ने सरकार पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले 26 वर्षों में मेडिकल लैब तकनीशियनों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है, जिसके कारण हजारों युवा डिग्री हासिल करने के बावजूद रोजगार से वंचित हैं। उनका आरोप है कि सरकार एक ओर सरकारी लैब और जांच कार्यों को निजी कंपनियों को सौंप रही है, वहीं दूसरी ओर लगातार पैरामेडिकल कॉलेजों और मेडिकल कॉलेजों में बीएससी एमएलटी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के चार मेडिकल कॉलेजों में बीएससी एमएलटी कोर्स चलाए जा रहे हैं, लेकिन आज तक सेवानियमावली नहीं बनाए जाने के कारण न तो पदों का सृजन हो पाया और न ही डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के लिए नियमित भर्तियां निकल सकीं।
धरनारत तकनीशियनों ने मांग की कि आईपीएचएस (IPHS) मानकों के अनुरूप पदों का सृजन किया जाए, वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवानियमावली बनाई जाए, आयु सीमा में एकमुश्त छूट प्रदान की जाए तथा सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
संगठन का कहना है कि लंबे समय से उपेक्षा झेल रहे मेडिकल लैब तकनीशियन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
धरना स्थल पर संगठन के अध्यक्ष आशीष चंद्र, महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, संगठन मंत्री अनुराग पंत सहित गणेश गोदियाल, अजय नयाल, योगेन्द्र रावत, अमित बलूनी, शरद पाल, शिलोनी वशिष्ठ, प्रियंका पुरोहित, अखिलेश भट्ट, रजत नौटियाल, सिद्धार्थ कुकरेती, मुस्सावीर अली, अरुण और अन्य डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियन मौजूद रहे।
