केशव नेगी पर पुलिस कार्रवाई का विरोध, कांग्रेस ने दिल्ली सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल
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केशव नेगी पर पुलिस कार्रवाई का विरोध, कांग्रेस ने दिल्ली सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

देहरादून। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में करीब दो दर्जन लोगों के हताहत होने की घटना से पूरा देश शोक में है। इस दुखद हादसे के बाद होटल में शेफ के पद पर कार्यरत और मूल रूप से उत्तराखंड निवासी केशव नेगी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड में व्यापक विरोध देखने को मिल रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एक कर्मचारी को बलि का बकरा बनाने का प्रयास बताया है।

घटना के बाद दिल्ली पुलिस की जांच में केशव नेगी का नाम सामने आने और उनसे पूछताछ किए जाने के बाद उत्तराखंड में लोगों का आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि होटल में सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दों की जांच करने के बजाय एक कर्मचारी को निशाना बनाया जा रहा है। उनका तर्क है कि होटल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रबंधन तथा संबंधित अधिकारियों की होती है, ऐसे में केवल एक शेफ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस त्रासदी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को दोषी ठहराने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि केशव नेगी पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने आग बुझाने में मदद नहीं की, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या उन्हें आधिकारिक रूप से फायर फाइटिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या होटल में मौजूद सुरक्षा उपकरण कार्यरत थे, क्या फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया जा रहा था और क्या संबंधित विभागों ने समय-समय पर निरीक्षण किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए एक कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रही है।

वहीं, उत्तराखंड में बढ़ते विरोध और लोगों की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा वर्मा से बातचीत कर मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस पूरे प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा भी यही चाहती है कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हादसा बेहद गंभीर है और इसमें कई लोगों की जान गई है, इसलिए पुलिस जांच एजेंसियां किसी भी व्यक्ति से पूछताछ कर सकती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि जांच निष्पक्ष हो और किसी भी निर्दोष को सजा न मिले।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब यह मामला उत्तराखंड और दिल्ली दोनों राज्यों में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर मृतकों के परिजन हादसे के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केशव नेगी के समर्थन में आवाजें उठ रही हैं। ऐसे में सभी की निगाहें दिल्ली पुलिस की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। लोगों की मांग है कि हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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