देहरादून। उत्तराखण्ड में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गणना फॉर्म सौंपकर अभियान की जानकारी दी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। इसके लिए राज्यभर में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे। इन फॉर्मों के माध्यम से मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन और अद्यतन किया जाएगा। राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे।
डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि आगामी 7 जुलाई तक एक माह की अवधि में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त गणना फॉर्मों को बीएलओ ऐप के माध्यम से डिजिटाइज किया जाएगा। इससे मतदाता सूची के अद्यतन की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से त्रुटियों को कम करने और डेटा के बेहतर प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सभी मतदाता समय पर अपने गणना फॉर्म भरकर उपलब्ध करा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और इसका अद्यतन एवं शुद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी जानकारी सही रूप में उपलब्ध कराएं।
राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा तथा आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। अभियान के सफल संचालन के लिए निर्वाचन विभाग, जिला प्रशासन और बूथ लेवल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
