रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन का खतरा सामने आया है। 16 जुलाई की रात भैरवनाथ मंदिर के पास जंगलचट्टी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी-भरकम बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण यात्रा मार्ग बाधित हो गया। बोल्डर गिरने के बाद मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और चट्टानें टूटकर यात्रा मार्ग पर आ गिरीं। घटना के बाद मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया, जिससे किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर मार्ग को सुरक्षित बनाने का कार्य शुरू कराया। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मार्ग से बोल्डर और मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण राहत एवं बहाली कार्य में सावधानी बरती जा रही है।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, बोल्डर गिरने और सड़कें बाधित होने जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ऐसे में चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान केदारनाथ यात्रा मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों में अक्सर भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। प्रशासन इन स्थानों पर लगातार निगरानी रखता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यकतानुसार यात्रा का संचालन करता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। मलबा हटाने और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों की जांच पूरी होने के बाद ही केदारनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य बनाए रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।
