मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मंगलवार को देहरादून में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई और राजनीतिक दलों से सुझाव भी प्राप्त किए गए।
बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि बढ़ाकर 3 अक्टूबर 2026 निर्धारित कर दी है। इससे पुनरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि प्रदेशभर में 24.30 लाख मतदाताओं को जारी नोटिसों के मुकाबले 24.29 लाख से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। वहीं, फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के अंतर्गत प्राप्त 40 प्रतिशत से अधिक दावों और आपत्तियों का भी निस्तारण किया जा चुका है।

बैठक में राजनीतिक दलों को डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री (DSE) एवं फोटो सिमिलर एंट्री (PSE) मॉड्यूल लागू किए जाने की जानकारी दी गई। इस मॉड्यूल के माध्यम से संभावित डुप्लीकेट मतदाता प्रविष्टियों की पहचान की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में आएंगे, उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब देने का अवसर दिया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
