उत्तराखंड की प्रचलित श्री राजराजेश्वरी माँ नन्दा जात यात्रा आस्था, परंपरा और श्रद्धा के अद्भुत संगम के साथ अपने गंतव्य की ओर निरंतर अग्रसर है। दुर्गम पहाड़ी पगडंडियों, संकरे रास्तों, गधेरों और कठिन चढ़ाइयों से गुजर रही इस पावन यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के साथ पुलिस एवं राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के जवान भी कदम से कदम मिलाकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मी देव डोलियों के साथ पैदल चलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। वहीं SDRF की टीमें किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ पूरी तरह सतर्क और तैनात हैं।
श्रद्धालुओं एवं देव डोलियों के रात्रि विश्राम पड़ावों पर भी पर्याप्त पुलिस बल और SDRF की तैनाती की गई है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। यात्रा के प्रत्येक संवेदनशील पड़ाव और मोड़ पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है ताकि पूरी यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा पुलिस एवं SDRF के सहयोग से सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की है।
