देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया जाएगा। इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विद्यालयों को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने, अतिवृष्टि, हिमपात, हिमस्खलन और आग जैसी संभावित आपदाओं से सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की गई। प्रत्येक विद्यालय का आपदा प्रबंधन प्लान स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित जोखिमों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विद्यालय स्तर पर स्थानीय आपदा जोखिमों का आकलन कर सुरक्षा एवं बचाव की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग और यूएसडीएमए में समिति का गठन किया जाएगा।
प्लान के तहत विद्यालयों में सुरक्षित निकासी मार्ग और एकत्रीकरण स्थल चिन्हित किए जाएंगे। प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों की जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी। पुलिस, फायर, स्वास्थ्य विभाग, राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, तहसील सहित अन्य महत्वपूर्ण आपातकालीन संपर्क नंबर विद्यालय में प्रदर्शित किए जाएंगे।
विद्यालयों में फर्स्ट एड किट और आवश्यक राहत एवं बचाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों और स्टाफ को विभिन्न आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित प्रक्रियाओं की जानकारी देने के साथ समय-समय पर मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी।
दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की सुरक्षित और त्वरित निकासी के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। विद्यालय भवन, कक्षाओं, विद्युत व्यवस्था, गैस, रसोई, पानी की टंकियों, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा का भी परीक्षण किया जाएगा।
प्रत्येक विद्यालय में चेतावनी एवं सूचना टीम, निकासी टीम, प्राथमिक उपचार टीम, अग्नि सुरक्षा टीम, खोज एवं बचाव टीम तथा सहायता एवं मनोसामाजिक टीम गठित की जाएगी। इन टीमों का नेतृत्व बच्चों द्वारा किया जाएगा, जबकि शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग देंगे।
बैठक में एसीईओ प्रशासन प्रकाश चंद्र, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, डीजी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, डॉ. पी.डी. माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
