जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए पौड़ी गढ़वाल कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने 28 शिकायतें सुनीं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय परीक्षण कर नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।
जनता मिलन में सहकारी ऋण, जल निकासी, पेयजल, सड़क, वन्यजीव सुरक्षा, सिंचाई, विद्युत, आपदा राहत और ग्रामीण संपर्क मार्गों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। ग्राम कांडई निवासी विनोद कुमार की सहकारी समिति से ऋण स्वीकृति की शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि ऋण सीमा स्वीकृत हो चुकी है और दो दिनों के भीतर ऋण जारी कर दिया जाएगा।
अपर चोपड़ा क्षेत्र में नाली के अनुचित जल निकासी से मकान को हो रहे नुकसान के मामले में जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में आगणन होने के बावजूद कार्य न होने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट से जांच कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

धौलीधार क्षेत्र में गुलदार और भालू की गतिविधियों को देखते हुए तीन सोलर लाइट लगाने, वन विभाग द्वारा नियमित गश्त बढ़ाने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं पल्ली मल्ली में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की शीघ्र मरम्मत तथा जल संस्थान कंट्रोल रूम की शिकायतों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बमणगांव–केवर्स मोटर मार्ग, घीड़ी लिंक रोड, डुंगरी की सिंचाई व्यवस्था, परसुंडाखाल में विद्युत मानदेय, पुण्डरासु सड़क डामरीकरण तथा चैड़ तल्ला में सुरक्षा दीवार निर्माण सहित अन्य मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पूर्व शिकायतों पर राहत और विकास कार्य
पूर्व लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान ग्राम ओडागाड़ के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त आवासीय भवन के लिए प्रपत्र पी-20 के तहत 11,500 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। ग्राम कल्डुंग में भैरवनाथ मंदिर मार्ग पर सुरक्षा दीवार, सीसी और रेलिंग निर्माण हेतु लगभग 2.50 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया।
इसके अलावा ग्राम पंचायत कोट में सारा योजना के जल संवर्धन कार्य के लिए 50 हजार रुपये के भुगतान पर सहमति बनी, जबकि उज्याड़ी और भिंताई मल्ली में भवन सुरक्षा के लिए आपदा एवं एसडीएमएफ मद से आगणन की प्रक्रिया शुरू की गई।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
