देहरादून : मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) परियोजना के तहत राज्य शीर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में CCTNS/ICJS 2.0 की प्रगति, तकनीकी अवसंरचना, नेटवर्क कनेक्टिविटी, डेटा रिकवरी सेंटर, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा सिस्टम इंटीग्रेटर से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि CCTNS प्रगति डैशबोर्ड में उत्तराखंड ने जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर 9वीं रैंक हासिल की है। पिछली समीक्षा में राज्य 13वें स्थान पर था, जिससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड ने चार स्थान का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। वहीं ICJS 2.0 डैशबोर्ड में राज्य देशभर में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है, जो डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत है।
अधिकारियों ने बताया कि ICJS 2.0 के अंतर्गत पुलिस, अभियोजन, कारागार, न्यायालय और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) से जुड़े विभिन्न डिजिटल अनुप्रयोगों का राज्य में प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इससे विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आई है।
बैठक में NCLI डैशबोर्ड की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार 17 सितंबर 2026 तक उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर 18वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि पिछली समीक्षा में राज्य 24वें स्थान पर था। इस प्रकार राज्य ने छह स्थान की प्रगति दर्ज की है।

242 साइट्स पर नेटवर्क कनेक्टिविटी की समीक्षा
ICJS 2.0 के तहत राज्य में नेटवर्क कनेक्टिविटी की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य योजना के अंतर्गत पुलिस, अभियोजन, कारागार और FSL से संबंधित 242 साइट्स शामिल हैं। इन सभी को SWUAN, BSNL तथा लोकल VPN के माध्यम से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि राज्य के 166 पुलिस स्टेशनों में से 31 का अपग्रेडेशन पूरा किया जा चुका है।
अलग डेटा रिकवरी इकोसिस्टम बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने CCTNS के लिए पृथक डेटा रिकवरी सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए ITDA को अलग डेटा रिकवरी इकोसिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं की निरंतरता, डेटा सुरक्षा, आपदा की स्थिति में त्वरित डेटा रिकवरी तथा भौगोलिक रूप से सुरक्षित बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
FIR में सही विवरण दर्ज करने पर जोर
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गृह विभाग और ITDA को ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे FIR दर्ज करते समय संबंधित व्यक्तियों का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल सहित सभी आवश्यक विवरण सही और स्पष्ट रूप से दर्ज हों। उन्होंने कहा कि इससे ई-समन एवं अन्य वैधानिक नोटिस संबंधित पक्ष तक शीघ्र और सटीक रूप से पहुंच सकेंगे तथा डिजिटल पुलिसिंग की परिचालन दक्षता में भी सुधार होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले दो माह के भीतर निर्धारित सभी प्रमुख पैरामीटर में सुधार करते हुए लक्ष्यों को बढ़ाया जाए और CCTNS एवं ICJS 2.0 की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में गृह सचिव श्री शैलेश बगौली, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी. अंशुमान, एनआईसी के श्री राकेश शर्मा, अपर सचिव श्री नवनीत पांडे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
