देहरादून: मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर विभिन्न विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। बैठक में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन, उत्तराखण्ड गवर्नमेंट एसेट्स मॉनिटरिंग सिस्टम, सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रभावी नियंत्रण तथा पेंशन और अन्य लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सबसे पहले ई-ऑफिस के राज्य एवं जनपद स्तर पर क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को ई-ऑफिस का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है या फाइल मूवमेंट संतोषजनक नहीं है, वहां नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
मुख्य सचिव ने विभागों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों और नवाचारों को सचिव समिति की बैठकों में साझा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफल प्रयासों को अन्य विभागों में भी लागू किया जा सकता है। इसके लिए सभी विभागों को अपने उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों की जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी परिसंपत्तियों की अनिवार्य मैपिंग के निर्देश
उत्तराखण्ड गवर्नमेंट एसेट्स मॉनिटरिंग सिस्टम की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी सरकारी परिसंपत्तियों की अनिवार्य रूप से मैपिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले दो माह में सभी सरकारी परिसंपत्तियों को पोर्टल पर अपलोड किया जाए। साथ ही प्रत्येक परिसंपत्ति की मैपिंग और जियोफेंसिंग भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, जिलाधिकारी और जनपद स्तरीय अधिकारियों को सिस्टम पर ऑनबोर्ड किया जाए। सरकारी परिसंपत्तियों से जुड़े आवश्यक अलर्ट जनरेट होने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
मुख्य सचिव ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में समय पर अलर्ट जनरेट होने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे। सभी विभागीय सचिवों को साप्ताहिक आधार पर परिसंपत्तियों की मैपिंग और अपलोडिंग की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगातार कार्रवाई के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नामित अधिकारी नियमित रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने संबंधित विभाग को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी शीघ्र तैयार कर लागू करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि नियमित मॉनिटरिंग और प्रवर्तन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पेंशन और ग्रेच्युटी के लंबित मामलों के समाधान पर जोर
मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग समेत सभी छोटे-बड़े विभागों में सेवानिवृत्त अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े पेंशन एवं ग्रेच्युटी मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रभावी मैकेनिज्म तैयार किया जाए, जिससे सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद पेंशन शुरू हो सके और ग्रेच्युटी का भुगतान भी समय से सुनिश्चित किया जा सके।
बड़े विभागों में पेंशन से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म विकसित करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लंबित पेंशन प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को भी कहा गया।
मेडिकल रीइंबर्समेंट प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सेवानिवृत्त कार्मिकों के मेडिकल रीइंबर्समेंट से जुड़ी प्रक्रिया को भी सरल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जिस जनपद से कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, उसी जनपद के डीडीओ के माध्यम से मेडिकल बिलों के अनुमोदन की प्रक्रिया होती है।
उन्होंने ऐसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, जिसके तहत सेवानिवृत्ति के बाद कार्मिक जिस जनपद में निवास कर रहा है, वहां के डीडीओ के माध्यम से उसके मेडिकल बिलों का अनुमोदन किया जा सके। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सकेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री एल. फैनाई, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री रविनाथ रामन, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, सुश्री ज्योति यादव, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, श्री राजेंद्र कुमार सहित कमिश्नर गढ़वाल श्री आनन्द स्वरूप एवं विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
