देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वहीं 1759 घोषणाएं लंबित हैं, जबकि 447 घोषणाओं में विलोपन या मर्ज की कार्रवाई की गई है। लंबित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही चल रही है, जिनमें 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। वर्तमान में 303 घोषणाएं लंबित हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि 11 अगस्त 2026 को हुई समीक्षा के दौरान लंबित घोषणाओं की संख्या 627 थी, जो अब घटकर 303 रह गई है। उन्होंने विभागवार समीक्षा करते हुए लंबित घोषणाओं पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर माह के मध्य में आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि लंबित घोषणाओं को संबंधित विभाग आपसी समन्वय से पूरा करें। भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं में विभागों के बीच लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए। समय की बचत के लिए जहां संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से शुरू किया जाए।
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को पोर्टल पर लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए। जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। सचिव एवं अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण की बनेगी कार्ययोजना
मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 15 दिनों में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने को कहा। साथ ही ट्रेक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।
ईको पार्क सहित विभिन्न घोषणाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के बाद उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पहले से निर्धारित की जानी चाहिए, ताकि इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
पौड़ी हेरिटेज स्ट्रीट और पार्किंग पर भी दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी कोक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास और सौंदर्यीकरण के कार्यों को आपस में समन्वित कर एकीकृत रूप से किया जाए, जिससे सभी कार्यों का बेहतर प्रभाव दिखाई दे।
उपयुक्त भूमि पर ही बनाए जाएं कोल्ड स्टोरेज
मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए बनाए जाने वाले कोल्ड स्टोरेज में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त भूमि क्रय कर निर्माण किया जाए, ताकि उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने को कहा। सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, श्री मनुज गोयल, श्री रोहित मीणा, श्री नवनीत पाण्डे सहित संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
