October 8, 2026
NIC उत्तराखंड की कार्यशाला में ‘जन परिचय’ SSO प्लेटफॉर्म की उपयोगिता और साइबर सुरक्षा पर चर्चा
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NIC उत्तराखंड की कार्यशाला में ‘जन परिचय’ SSO प्लेटफॉर्म की उपयोगिता और साइबर सुरक्षा पर चर्चा

देहरादून। राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC), उत्तराखण्ड राज्य इकाई द्वारा देहरादून में “जन परिचय– पहचान एक, सेवाएं अनेक” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य सरकार के अधिकारियों को राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन (SSO) प्लेटफॉर्म “मेरी पहचान” की कार्यप्रणाली, विशेषताओं और उपयोगिता की जानकारी देना रहा।

कार्यशाला के स्वागत सत्र में राज्य सूचना-विज्ञान अधिकारी एवं उप महानिदेशक, NIC उत्तराखण्ड श्री अरविंद कुमार दधीचि ने ‘जन परिचय’ के उद्देश्यों और नागरिक-केंद्रित सेवाओं में इसके संभावित लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘मेरी पहचान’ एक राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से नागरिक एक ही यूजर क्रेडेंशियल के जरिए विभिन्न सार्वजनिक एवं निजी सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि ‘मेरी पहचान’ का शुभारंभ जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में किया गया था। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म से अब तक 3,000 से अधिक परियोजनाएं जुड़ चुकी हैं और प्रतिदिन 55 लाख से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं, जबकि 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में NIC मुख्यालय, नई दिल्ली के वैज्ञानिक-जी/उप महानिदेशक एवं समूह समन्वयक श्री वी.टी.वी. रमण ने सिंगल साइन ऑन आधारित सरकारी प्लेटफॉर्म को नागरिक सेवाओं के लिए सुरक्षित और उपयोगी बताया।

इसके बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में वरिष्ठ निदेशक (आईटी) श्री संजय शर्मा ने ‘SSO जन परिचय’ की रूपरेखा प्रस्तुत की। संयुक्त निदेशक (आईटी) श्री अमित कुमार ने जन परिचय की मूल्य-वर्धित सेवाओं की जानकारी दी। इंडस्ट्री एक्सपर्ट श्री वैभव पाठक ने साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र में डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणालियों में सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के अंतिम तकनीकी सत्र में संयुक्त निदेशक (आईटी) श्री कुंदन कुमार ने ‘जन परिचय’ के फीचर डेमोंस्ट्रेशन और माइग्रेशन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पंकज कुमार पांडे, आईएएस, सचिव (आईटी), उत्तराखण्ड सरकार ने नागरिक-केंद्रित सेवाओं की त्वरित डिलीवरी और डिजिटल गवर्नेंस में ‘जन परिचय’ जैसी पहलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के विभिन्न विभागों से इस प्लेटफॉर्म को शीघ्र अपनाने का आह्वान किया।

उद्घाटन सत्र का समापन NIC मुख्यालय, नई दिल्ली के वैज्ञानिक-जी/उप महानिदेशक श्री दयाल खंडेलवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। वहीं, कार्यशाला के समापन अवसर पर NIC उत्तराखण्ड के उप महानिदेशक श्री संजय गुप्ता ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों से 100 से अधिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा NIC उत्तराखण्ड राज्य इकाई के अधिकारी तथा विभिन्न जनपदों से आए जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी (DIO) भी उपस्थित रहे।

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