नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। करीब 80 वर्षों से प्रतीक्षित इस परियोजना को जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल और यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि दशकों से लंबित परियोजना को धरातल पर उतारने की निर्णायक शुरुआत है। उन्होंने भारत सरकार और सभी सहभागी राज्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लंबे समय से अटकी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से यह आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 16 जून 2026 को हुई बैठक को परियोजना की प्रमुख बाधाओं के समाधान में महत्वपूर्ण बताया।
1,562 MCM जलाशय और 422 मेगावाट बिजली उत्पादन
किशाऊ परियोजना के तहत लगभग 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) क्षमता का विशाल जलाशय बनाया जाएगा तथा 422 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पूरे अपर यमुना बेसिन को मिलेगा।
पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण होगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परियोजना से प्रभावित परिवारों का संवेदनशील, सम्मानजनक और न्यायसंगत पुनर्वास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 2,500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी, जिसके लिए क्षतिपूरक वनीकरण हेतु भूमि उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। इस संबंध में उन्होंने केंद्र और सहभागी राज्यों से सहयोग का अनुरोध किया।
बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित अन्य केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
