हरिद्वार। उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी प्रकरण में प्रस्तावित नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच हरिद्वार पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस ने कहा है कि उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी एक अलग मामले में हुई है और इसका अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच में प्रस्तावित नार्को टेस्ट से कोई संबंध नहीं है।
हरिद्वार पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने कोतवाली रानीपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 387/26 के तहत अभियुक्ता उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें हरिद्वार के जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को बताया भ्रामक
पुलिस के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया जा रहा है कि उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से बचाने के लिए उनकी गिरफ्तारी से संबंधित खबरें पहले ही प्रसारित की गईं। पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी का मामला और अंकिता भंडारी प्रकरण में नार्को टेस्ट की प्रक्रिया अलग-अलग हैं।
नार्को टेस्ट पर पुलिस ने क्या कहा?
अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच के संबंध में हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि संबंधित जांच एजेंसी उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने के लिए माननीय न्यायालय से विधिवत अनुमति लेकर आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
पुलिस के इस स्पष्टीकरण के बाद उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी प्रकरण में नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच दोनों मामलों को अलग-अलग समझने की आवश्यकता है।
