देहरादून, 4 नवंबर 2026। उत्तराखंड के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए मानदेय बढ़ोतरी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अतिथि शिक्षकों का मासिक मानदेय वर्तमान ₹25,000 से बढ़ाकर ₹40,800 करने की संस्तुति शासन को भेजी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के करीब 4,200 अतिथि शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है।
प्रस्ताव में उपनल कर्मचारियों के लेवल-4 वेतनमान को आधार बनाते हुए मानदेय निर्धारित करने की सिफारिश की गई है। हालांकि, अभी यह बढ़ोतरी लागू नहीं हुई है और शासन स्तर से अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
25,000 से बढ़कर ₹40,800 कैसे होगा मानदेय?
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार अतिथि शिक्षकों के मानदेय की गणना उपनल के लेवल-4 वेतनमान के आधार पर की गई है।
| मानदेय का विवरण | प्रस्तावित राशि |
|---|---|
| वर्तमान मासिक मानदेय | ₹25,000 |
| प्रस्तावित मूल वेतन | ₹25,500 |
| प्रस्तावित महंगाई भत्ता (60%) | ₹15,300 |
| प्रस्तावित कुल मासिक मानदेय | ₹40,800 |
| संभावित मासिक बढ़ोतरी | ₹15,800 |
इस प्रस्ताव के अनुसार अतिथि शिक्षकों को वर्तमान मानदेय की तुलना में हर महीने ₹15,800 अधिक मिल सकते हैं। यानी प्रस्ताव मंजूर होने पर मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रदेश के करीब 4,200 अतिथि शिक्षकों को मिलेगा लाभ
उत्तराखंड के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अतिथि शिक्षक लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। खासकर पर्वतीय, दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में करीब 4,200 अतिथि शिक्षक वर्तमान में ₹25,000 मासिक मानदेय पर कार्यरत हैं। मानदेय बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर इन शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
ऊधम सिंह नगर जिले में भी करीब 42 अतिथि शिक्षकों को प्रस्तावित बढ़ोतरी का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में मानदेय देने की भी मांग
अतिथि शिक्षकों के लिए केवल मानदेय बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश के दौरान भुगतान का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।
रुद्रपुर से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शासन को भेजे गए प्रस्ताव में अवकाश अवधि के दौरान भी नियमित मानदेय भुगतान करने का अनुरोध शामिल है। अतिथि शिक्षक संगठनों की ओर से भी लंबे समय से अवकाश के दौरान मानदेय, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की मांग उठाई जाती रही है।
दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षण व्यवस्था की रीढ़ हैं अतिथि शिक्षक
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में कई विद्यालय ऐसे हैं जहां नियमित शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण अतिथि शिक्षकों के माध्यम से पढ़ाई संचालित की जा रही है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को कई बार लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।
अतिथि शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ाने, सेवा सुरक्षा, अवकाश अवधि में भुगतान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में ₹40,800 मानदेय का प्रस्ताव उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब शासन की मंजूरी पर टिकी नजरें
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद अब अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होना है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही बढ़े हुए मानदेय के भुगतान और लागू होने की तारीख स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल अतिथि शिक्षकों को ₹25,000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। ₹40,800 की राशि अभी प्रस्तावित है, स्वीकृत या लागू मानदेय नहीं। शासन के निर्णय के बाद ही शिक्षकों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिल सकेगा।
