देहरादून, 3 नवंबर 2026। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी ‘भूमि बचाओ अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। अभियान की शुरुआत 4 नवंबर से विधानसभा स्तर पर की जाएगी। पार्टी ने इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंप दी है।
कांग्रेस का कहना है कि अभियान के माध्यम से प्रदेश में भूमि से जुड़े मुद्दों, जमीनों के कथित अनियमित आवंटन और सरकारी भूमि के उपयोग को लेकर जनता के बीच आवाज उठाई जाएगी। पार्टी इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनसंपर्क और जनमुद्दों को लेकर चलाए जाने वाले अभियान का हिस्सा मान रही है।
विधानसभा स्तर पर चलेगा अभियान
प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी के अनुसार, अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विधानसभा क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी की योजना स्थानीय स्तर पर भूमि से जुड़े मुद्दों को उठाने और जनता से संवाद स्थापित करने की है।
कांग्रेस ने अलग-अलग क्षेत्रों में नेताओं को जिम्मेदारी देकर अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने की तैयारी की है।
इन नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
कांग्रेस की ओर से जारी जिम्मेदारियों के अनुसार:
- नैनीताल: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल
- अल्मोड़ा: विधायक मनोज तिवारी और पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल
- रानीखेत: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा
- हल्द्वानी: विधायक तिलक राज बेहड़ और विधायक सुमित हृदयेश
- भीमताल: विधायक भुवन कापड़ी और आदेश चौहान
- देहरादून एवं ऋषिकेश: पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और संबंधित जिलाध्यक्ष
- विकासनगर: प्रदेश चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह
- मसूरी: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल
- टिहरी: विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला
- हरिद्वार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत और रवि बहादुर
- रानीपुर: विधायक फुरकान अहमद और वीरेंद्र जाती
पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देकर अभियान के संचालन और संगठनात्मक समन्वय पर जोर दिया है।
भूमि के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस प्रदेश में भूमि से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का आरोप है कि सरकारी भूमि के आवंटन और उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। अभियान के जरिए कांग्रेस इन आरोपों को जनता के बीच ले जाने और भूमि संरक्षण को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास करेगी।
हालांकि, पार्टी की ओर से अभियान के विस्तृत कार्यक्रम, विधानसभा क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों और जनसभाओं की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति
उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। भूमि बचाओ अभियान को पार्टी की चुनावी तैयारियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
कांग्रेस का लक्ष्य भूमि से जुड़े मुद्दों के साथ प्रदेश के अन्य जनहित विषयों को भी चुनावी चर्चा के केंद्र में लाना है। अब नजर 4 नवंबर से शुरू होने वाले अभियान की गतिविधियों और सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेगी।
