राजधानी देहरादून में 21 वर्षीय गुंजन की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आया है कि हत्या से पहले गुंजन ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस द्वारा उस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। समय रहते कार्रवाई न होने के कारण यह मामला एक जघन्य हत्याकांड में बदल गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष के साथ-साथ अब सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सीधे तौर पर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा है।
उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि यदि पुलिस समय रहते गुंजन की शिकायत को गंभीरता से लेती और आवश्यक कार्रवाई करती, तो शायद एक बेटी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही को बेहद गंभीर बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

गुंजन हत्याकांड के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है और आम लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है।
