देहरादून/हल्द्वानी। Indian Oil Corporation समेत पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा एडवांस भुगतान व्यवस्था लागू किए जाने के बाद उत्तराखंड के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। स्थिति यह है कि कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है, जबकि छोटे और निजी पंपों पर संकट और अधिक गहरा गया है।
देहरादून में करीब 100 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश के पास केवल दो से तीन दिन का स्टॉक बचा है। कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर एक दिन का ही स्टॉक शेष है, जबकि कुछ पंप दिन में ही खाली हो जा रहे हैं। गुरुवार को किब्बुलवाला स्थित एक पेट्रोल पंप पर दिन में ही ईंधन खत्म होने के कारण लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मित्तल ने बताया कि पहले कंपनियां पेट्रोल और डीजल उधार में उपलब्ध कराती थीं और भुगतान चार दिन के भीतर करना होता था। अब कंपनियों ने यह व्यवस्था बंद कर दी है और एडवांस भुगतान या कैश एंड डिलीवरी सिस्टम लागू कर दिया है। इससे छोटे पेट्रोल पंप संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि बड़े पेट्रोल पंपों के पास फिलहाल तीन दिन तक का स्टॉक है, लेकिन यदि भुगतान संबंधी समस्या जारी रही तो आने वाले दिनों में ईंधन आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
पौड़ी, हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई जिलों में भी ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। हल्द्वानी में कई पेट्रोल पंपों पर मांग के मुकाबले आधी आपूर्ति मिल रही है, जबकि लालकुआं और लामाचौड़ स्थित कुछ पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई। अल्मोड़ा में पांच में से चार पेट्रोल पंपों पर गुरुवार शाम तक ईंधन समाप्त हो गया था।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आम लोगों को पेट्रोल और डीजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
