स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नमामि गंगे कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी अनधिकृत कूड़ा डंपिंग नहीं होनी चाहिए और सभी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।
बैठक में कूड़ा संग्रहण वाहनों के सत्यापन और पंजीकरण को अनिवार्य करने के साथ उनके भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि केवल गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण पर्याप्त नहीं है, बल्कि खतरनाक और सैनिटरी वेस्ट का भी वैज्ञानिक तरीके से अलग संग्रहण और निस्तारण किया जाना चाहिए।
उन्होंने ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने और 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

बैठक में लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता कार्मिकों की उपलब्धता, अपशिष्ट वाहनों की स्थिति, स्मार्ट शौचालयों की कार्यशीलता और जमीनी स्तर की समस्याओं की भी समीक्षा की गई।
नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत नगर निकायों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका पौड़ी को लीगेसी वेस्ट कार्य शीघ्र पूरा करने, थलीसैंण को डंपिंग स्थल निर्माण में तेजी लाने और दुगड्डा को वैकल्पिक भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।
कोटद्वार में निर्माणाधीन संयंत्र की गुणवत्ता, पहुंच मार्ग सुधार और सड़कों के पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया। जिला पंचायत को स्वच्छता एजेंसियों और संसाधनों की समीक्षा के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि विकासखंडों में लगभग 80 स्वच्छता कार्मिक कार्यरत हैं, जिनका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
बैठक में महातिम यादव, नूपुर वर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, एएमए भावना रावत, ईओ नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार, एसडीओ वन आयशा बिष्ट और पीएम स्वजल दीपक रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
