मुस्याखांद (उत्तराखंड), 12 जून 2026। श्री मुस्याखांद ग्वेल भैरव मंदिर, थान अस्थाना मुस्याखांद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान की कथा का श्रवण किया तथा समाज में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार का संदेश प्राप्त किया।

कथा का वाचन पूज्य आचार्य श्री सतीश ध्यानी जी, आचार्य श्री योगेश ध्यानी जी एवं उनकी विद्वान टीम द्वारा किया गया। सात दिवसीय कथा के दौरान श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार, मानवता और सनातन संस्कृति के महत्व से अवगत कराया गया। व्यासपीठ से दिए गए प्रेरणादायी संदेशों ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।समापन अवसर पर थानस्थान मुस्याखांद के पुजारी आदरणीय श्री सादर सिंह जी घूरकुंडी, श्री सोहन सिंह जी, श्री मान सिंह जी, श्री राम सिंह जी, श्री सुरजीत सिंह जी एवं श्री रविन्द्र सिंह जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में हिल्स डेवलपमेंट मिशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री रघुवीर बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य श्री नीरज पंत, पूर्व प्रधान श्री दीपक कंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री महेंद्र सिंह कांडरी, श्री मुकेश बिष्ट, भौन प्रधान श्री बीरेंद्र सिंह रावत सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। मंदिर सेवा ट्रस्ट ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सर्व भैरव देवता, श्री ग्वेल महाराज एवं माता महाकाली की विशेष पूजा-अर्चना, पुष्प श्रृंगार एवं हवन का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्री मुस्याखांद ग्वेल भैरव मंदिर सेवा ट्रस्ट ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी समिति सदस्यों, स्वयंसेवकों, सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। ट्रस्ट ने कामना की कि श्री ग्वेल भैरव महाराज की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव निरंतर बना रहे।
