कोटद्वार। उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर शनिवार, 8 अगस्त को कोटद्वार स्थित तीलू रौतेली चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और कोटद्वार की प्रथम महापौर हेमलता नेगी ने वीरांगना की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन वीरबाला तीलू रौतेली विचार मंच की ओर से किया गया। इस अवसर पर तीलू रौतेली की स्मृति और उनके शौर्य को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष डाक आवरण जारी किया गया। भारतीय डाक विभाग के पौड़ी मंडल की ओर से भी 8 अगस्त को तीलू रौतेली की जयंती पर विशेष आवरण जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि तीलू रौतेली का जीवन साहस, स्वाभिमान, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में अपने परिवार और अपनों को खोने के बाद तीलू रौतेली ने जिस साहस के साथ परिस्थितियों का सामना किया, वह आज भी समाज और विशेष रूप से उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा है।
हेमलता नेगी ने कहा कि तीलू रौतेली उत्तराखंड की नारी शक्ति और आत्मसम्मान की अद्भुत पहचान हैं। उनकी वीरगाथा नई पीढ़ी को साहस, आत्मविश्वास और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है।
लोकपरंपरा के अनुसार तीलू रौतेली ने किशोरावस्था में ही युद्ध का नेतृत्व किया और कई वर्षों तक संघर्ष किया। उन्हें उत्तराखंड की लोक संस्कृति में अदम्य साहस और वीरता की प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। 8 अगस्त को उनकी जयंती मनाई जाती है, हालांकि उनके जन्म की तिथि को लेकर ऐतिहासिक स्रोतों में पूर्ण एकरूपता नहीं है।
तीलू रौतेली की वीरगाथा आज भी उत्तराखंड के जनमानस और लोकपरंपराओं में जीवंत है। जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर उनकी शौर्यगाथा और नारी शक्ति के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया।
