पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत, विद्यालयों की परिवहन व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानसून के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं तथा विभागीय समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालय परिसरों में आपदा की दृष्टि से खतरा बने पेड़ों को वन विभाग के समन्वय से प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों की मरम्मत के लिए कार्यदायी संस्था मंडी परिषद ने अभी तक प्राक्कलन उपलब्ध नहीं कराया है, उनके संबंध में कार्यदायी संस्था बदलने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।
उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त एवं जर्जर विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने, जर्जर भवनों में कक्षाओं का संचालन बंद करने तथा विद्यालयों की सूची अगले दिन तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही 10 जुलाई तक सभी आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने के लिए कहा, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला योजना के अंतर्गत लंबित कार्यों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को कार्यदायी संस्थाओं के साथ विशेष समीक्षा बैठक आयोजित कर समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की समीक्षा के दौरान उन्होंने बच्चों की स्क्रीनिंग, नामांकन, फॉलोअप और पोर्टल पर दर्ज प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा एवं बाल विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक बच्चों को योजना का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि श्रीनगर बेस अस्पताल में नवनिर्मित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का उपयोग डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के संचालन के लिए किए जाने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, एसीएमओ डॉ. पारुल गर्ग, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
