हरिद्वार अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी विवाद के बाद हरिद्वार स्थित मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने दान और चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। मंदिर ट्रस्ट ने सात सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें शामिल सभी पुजारी बिना जेब वाले कपड़े पहनकर सेवा करेंगे। साथ ही मंदिर परिसर में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को भी और मजबूत किया गया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने सभी पुजारियों को पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दान राशि में हेराफेरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई पुजारी या मंदिर से जुड़ा व्यक्ति चढ़ावे या दान की राशि में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अब मंदिर में दान देने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को रसीद उपलब्ध कराई जाएगी और प्रतिदिन प्राप्त होने वाले चढ़ावे का पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा। दान राशि का उपयोग केवल जनहित और मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में चढ़ाए गए नारियल, प्रसाद और फूलों का दोबारा उपयोग या पुनः चढ़ावा भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
राम मंदिर चंदा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि चंपत राय को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनका कहना था कि चंपत राय का सार्वजनिक जीवन निष्कलंक रहा है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तथा आरोप सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक उन्हें दोषी मानना उचित नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
