पौड़ी। जनपद में आधारभूत विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने जिला, राज्य एवं केंद्र स्तर पर लंबित प्रस्तावों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी पैरवी, नियमित फॉलोअप और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। ऐसे में सभी विभाग आवश्यक अभिलेखों और तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही प्रस्ताव भेजें, ताकि परिवेश पोर्टल सहित अन्य स्तरों पर आपत्तियों की स्थिति कम से कम हो। जिन प्रस्तावों पर आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर तत्काल अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जिन प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, उन पर बिना विलंब कार्य शुरू किया जाए। साथ ही जिला एवं केंद्र स्तर पर लंबित मामलों का नियमित फॉलोअप करते हुए सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

डीएम ने नोडल अधिकारी डीएफओ गढ़वाल को संबंधित प्रभागीय वनाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबे समय से उच्च स्तर पर लंबित मामलों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा।
वन संरक्षक के निरीक्षण के दौरान संबंधित खंड के लोनिवि अधिशासी अभियंता की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए वन, राजस्व विभाग और कार्यदायी संस्था द्वारा संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। संयुक्त निरीक्षण की सूचना पूर्व में संबंधित उपजिलाधिकारी को उपलब्ध कराने को भी कहा गया। सभी अधिशासी अभियंताओं को डीएफओ कार्यालय से नियमित समन्वय रखते हुए प्रकरणों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय की अनुपस्थिति और प्रकरणों की समुचित जानकारी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधीक्षण अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण जनहित से जुड़े विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, एसडीओ वन राखी जुयाल, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
