September 11, 2026
यूएलएमएमसी की बड़ी उपलब्धि, बाहरी राज्य की परियोजना से पहली बार मिली ₹4.21 लाख की राजस्व प्राप्ति
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यूएलएमएमसी की बड़ी उपलब्धि, बाहरी राज्य की परियोजना से पहली बार मिली ₹4.21 लाख की राजस्व प्राप्ति

देहरादून। उत्तराखंड की भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता को अब राज्य के बाहर भी पहचान मिल रही है। उत्तराखंड भूस्खलन एवं न्यूनीकरण केन्द्र (यूएलएमएमसी) ने अपनी तकनीकी सेवाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यूएलएमएमसी को पहली बार किसी बाहरी राज्य की परियोजना में प्रदान की गई तकनीकी सेवाओं के एवज में ₹4.21 लाख की राजस्व प्राप्ति हुई है।

यह राशि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की परियोजना के लिए यूएलएमएमसी द्वारा तैयार की गई डीपीआर और उपलब्ध कराई गई तकनीकी परामर्श सेवाओं के एवज में प्राप्त हुई है।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के बादशाही बाग क्षेत्र स्थित खारा हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के भवन परिसर के समीप भूस्खलन की सक्रियता बढ़ने से परियोजना की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया था। समस्या के तकनीकी समाधान और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड ने यूएलएमएमसी से संपर्क किया।

निगम की ओर से यूएलएमएमसी को भूस्खलन रोकथाम कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के साथ ही निर्माण कार्य के तकनीकी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई।

इस कार्य को पूरा करने के लिए यूएलएमएमसी की तकनीकी टीम ने जनवरी 2025 में परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने स्थल की भौगोलिक एवं तकनीकी परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद आवश्यक जांच और विश्लेषण के आधार पर डीपीआर तैयार की। डॉ. शांतनु सरकार, निदेशक, यूएलएमएमसी के मार्गदर्शन में टीम ने डीपीआर तैयार करने से लेकर साइट सुपरविजन और अन्य तकनीकी कार्यों को पूरा किया। इस कार्य में सहायक अभियंता श्री कौस्तुभ बड़थ्वाल सहित तकनीकी दल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यूएलएमएमसी की तकनीकी संस्तुतियों के आधार पर भूस्खलन रोकथाम के लिए निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 19 अगस्त 2026 को इस उपलब्धि ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया, जब उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की ओर से डीपीआर एवं तकनीकी सेवाओं के लिए ₹4.21 लाख का चेक सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास तथा महानिदेशक, यूएलएमएमसी देहरादून को सौंपा गया।

सचिव ने बताया कि यूएलएमएमसी वर्तमान में भूस्खलन जोखिम को कम करने से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों में विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। केन्द्र की तकनीकी क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के लिए आठ से अधिक महत्वपूर्ण डीपीआर तैयार की जा चुकी हैं।

बाहरी राज्य की परियोजना के लिए तकनीकी सेवाएं प्रदान कर राजस्व अर्जित करना यूएलएमएमसी की विशेषज्ञता, तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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