हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान व्यापारियों ने GST, मंडी शुल्क, अतिक्रमण, पार्किंग, लीज नवीनीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक उत्तराखंड की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
GST, पार्किंग और मंडी शुल्क का मुद्दा उठा
संवाद के दौरान व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने GST से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग रखी। स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई।

26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पर
CM धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में Ease of Doing Business को और सरल एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
29 हजार से अधिक नई MSME इकाइयां
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई MSME इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच स्पष्ट है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बने।
200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड
युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।
मेड इन उत्तराखंड’ को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि ‘मेड इन उत्तराखंड’ गुणवत्ता और विश्वास के साथ राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार में मजबूत ब्रांड बने।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत के सहयोग से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
