September 11, 2026
उत्तराखंड बनेगा ‘खेलभूमि’, हल्द्वानी में क्रीड़ा विश्वविद्यालय की नई शुरुआत
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उत्तराखंड बनेगा ‘खेलभूमि’, हल्द्वानी में क्रीड़ा विश्वविद्यालय की नई शुरुआत

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हल्द्वानी: राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर उत्तराखंड के खेल क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इसके अलावा विभिन्न खेल पुरस्कार प्रदान किए गए और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी वितरित की गई।

उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हल्द्वानी से उत्तराखंड के खेल इतिहास में नया अध्याय जुड़ रहा है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने वाला कदम है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करते हुए ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है। विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। अब उत्तराखंड में ही उन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ खेल शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल बताया।

उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपने असाधारण खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। उनका जीवन देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा सफलता की शुरुआत हो सकती है, लेकिन महानता हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मान

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार तथा एथलेटिक्स के ही लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किया गया।

वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न पुरस्कार, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार और बॉक्सिंग के मुकेश चंद्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया।

दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं मॉडर्न पेंटाथलॉन की टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह और ममता खाती तथा बॉक्सिंग की एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया।

पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर और शॉल प्रदान किए गए।

इन खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका एवं राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार एवं मनदीप कौर को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अलावा मॉडर्न पेंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी और भूमि को भी नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेंद्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार और कबड्डी कोच नितिन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया।

उदीयमान खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।

सरकार की योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

खिलाड़ियों को खेल इंजरी और आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा तथा आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

29 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है।

वहीं 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां केवल पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राज्य के लाखों युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की दिशा में काम

राज्य सरकार खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित करने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।

इसके अलावा ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जिले की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

2027 राष्ट्रीय खेल और 2036 ओलंपिक पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों द्वारा अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभी से विशेष रोडमैप पर काम कर रही है।

सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को छोटी उम्र से ही बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

खेलों में AI तकनीक का भी इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है।

इस एप्लीकेशन के माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के अधिक से अधिक प्रयोग के जरिए खिलाड़ियों के कौशल, फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रेरित होकर खेलों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति नया वातावरण बना है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

उत्तराखंड सरकार भी प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरणा लेते हुए प्रदेश को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

खेल शिक्षा और प्रशिक्षण को मिलेगा नया मंच

हल्द्वानी में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की शुरुआत को उत्तराखंड के खेल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के माध्यम से खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और खेल विज्ञान को एक ही मंच पर विकसित करने का अवसर मिलेगा।

क्रीड़ा विश्वविद्यालय के साथ मानसखण्ड खेल परिसर के निर्माण से क्षेत्र में खेल संबंधी आधारभूत ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल देवभूमि और वीरभूमि के रूप में ही नहीं, बल्कि ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के छोटे गांवों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाले खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, हल्द्वानी मेयर गजराज सिंह बिष्ट सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा उत्तराखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे सहित अधिकारी, खिलाड़ी, खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हल्द्वानी में क्रीड़ा विश्वविद्यालय का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ उत्तराखंड को खेलों की नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार की योजनाओं, आधुनिक खेल सुविधाओं, हाईटेक अकादमियों और क्रीड़ा विश्वविद्यालय के जरिए आने वाले वर्षों में प्रदेश से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नए खिलाड़ियों के सामने आने की उम्मीद है।

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