देहरादून: मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मानव एवं बाल तस्करी की रोकथाम, साइबर अपराधों से निपटने, नारकोटिक्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, पुलिस इन्वेस्टीगेशन में तकनीक के अधिकाधिक उपयोग और डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों में मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के पोर्टल का शीघ्र एकीकरण करने तथा दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए।
उन्होंने लापता बालिकाओं और नाबालिग बच्चों को ट्रेस करने के लिए मजबूत टीम एवं प्रभावी तंत्र विकसित करने तथा अनट्रेस्ड बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। विभिन्न विभागों के बीच डेटा शेयरिंग और बेहतर समन्वय पर भी उन्होंने जोर दिया। साथ ही, ऑपरेशन स्माइल का नवीनतम डेटा उपलब्ध कराने और मानव एवं बाल तस्करी के मामलों का केसवार विश्लेषण करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि तस्करी के नेटवर्क और संगठित मामलों की पहचान कर उनकी रोकथाम के लिए मजबूत तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने रेस्क्यू किए गए पीड़ितों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर पीड़ितों को सुरक्षित रूप से उनके अभिभावकों को सौंपे जाने तक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए मुख्य सचिव ने साइबर पुलिसिंग की मैनपावर मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर एक्सपर्ट्स के साथ बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता बताई, ताकि साइबर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के तहत प्रभावी कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने NCORD की बैठक में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किए जाने को कहा।
पुलिस इन्वेस्टीगेशन में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने विवेचना अधिकारियों को आवश्यक इन्वेस्टीगेशन किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक FIR वाले थानों में अलग इन्वेस्टीगेशन विंग खोलने की संभावना पर भी विचार करने को कहा।
इसके अलावा e-FIR के रिजेक्शन का विश्लेषण और क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के साथ न्यायश्रुति, FSL, मालखाना और Dial 112 को शीघ्र लाइव करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने e-Summons के अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने ICJS 2.0 साइट्स पर नेटवर्क कनेक्टिविटी की स्थिति की समीक्षा की और कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में नेटवर्क एवं बैंडविड्थ बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और जनोन्मुख बनाने के लिए बेहतर समन्वय, डेटा शेयरिंग और आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी है।
उन्होंने थानों में लंबे समय से सीज वाहनों के कारण उत्पन्न जगह की समस्या का भी संज्ञान लिया। उन्होंने सीज वाहनों के निस्तारण के लिए डिजिटल स्टोरेज की दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी डॉ. निलेश आनंद भरणे, आईजी श्री सुनील कुमार मीणा, एसएसपी श्रीमती तृप्ति भट्ट एवं श्री अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
