नई दिल्ली। चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने के बाद तटीय क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारी बारिश और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। ओडिशा में भी संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई है।
29 अक्टूबर की खबरों के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव का खतरा बना हुआ है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
तटीय क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य
चक्रवात की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की। राहत शिविरों और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासनिक एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र के निकट जाने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। बिजली के खंभों, कमजोर इमारतों और जलभराव वाले मार्गों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
चक्रवात की स्थिति और इसके प्रभाव का आकलन संबंधित मौसम एजेंसियों तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के आधार पर किया जाना चाहिए।
