देहरादून। करवा चौथ के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने महिला कर्मचारियों को अवकाश देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद 29 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार को करवा चौथ के लिए महिला कार्मिकों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य व्रत रखने वाली महिलाओं को त्योहार मनाने के लिए समय उपलब्ध कराना है।
इस संबंध में अधिकारियों के हवाले से जारी समाचार रिपोर्टों में बताया गया कि राज्य सरकार ने अवकाश का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने करवा चौथ को महिलाओं की आस्था, प्रेम और पारिवारिक विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए महिलाओं की भावनाओं और परंपराओं के सम्मान की बात कही।
महिलाओं की आस्था और परंपराओं का सम्मान
करवा चौथ उत्तर भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख पारंपरिक पर्व है। इस अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ व्रत खोलती हैं।
राज्य सरकार के फैसले से उन महिला कर्मचारियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जो नौकरी के साथ पर्व की तैयारियां और धार्मिक परंपराएं निभाती हैं।
अवकाश लागू होने से जुड़ी जरूरी जानकारी
सरकार के निर्णय के संबंध में समाचार एजेंसियों और समाचार माध्यमों ने 29 अक्टूबर को महिला कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, अलग-अलग विभागों, संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों में अवकाश की प्रयोज्यता संबंधित आदेश और सेवा नियमों के अनुसार जांची जानी चाहिए।
कर्मचारियों को सलाह है कि वे अपने विभाग या संस्थान से लागू शासनादेश की पुष्टि कर लें, विशेषकर यदि वे संविदा, आउटसोर्सिंग या निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं।
करवा चौथ के अवसर पर घोषित इस अवकाश से त्योहार मनाने वाली महिला कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
