देहरादून, 4 नवंबर 2026। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान से पहले मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की है। यह अभियान 16 नवंबर से शुरू होगा और प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों के दूरस्थ गांवों और कस्बों तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की योजना के अनुसार, जिला निर्वाचन कार्यालयों में ईवीएम डेमॉन्स्ट्रेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही मोबाइल डेमॉन्स्ट्रेशन वैन के माध्यम से मतदाताओं को ईवीएम के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य मतदान से पहले लोगों को मशीन की प्रक्रिया समझाना और निर्वाचन व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
16 नवंबर से शुरू होंगे EVM डेमॉन्स्ट्रेशन सेंटर
निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों में 16 नवंबर से ईवीएम डेमॉन्स्ट्रेशन सेंटर (EDC) शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों पर मतदाता ईवीएम की कार्यप्रणाली को समझ सकेंगे और मतदान प्रक्रिया का प्रदर्शन देख सकेंगे।
इसके अलावा, 16 नवंबर से 15 दिसंबर 2026 तक मोबाइल डेमॉन्स्ट्रेशन वैन (MDV) के जरिए सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इन वैन को दूरस्थ गांवों और कस्बों तक भेजने की योजना है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के मतदाताओं तक भी जानकारी पहुंच सके।
70 विधानसभा क्षेत्रों में गांव-गांव पहुंचेगी मोबाइल वैन
प्रदेश के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए मोबाइल वैन के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। अभियान के दौरान लोगों को ईवीएम की प्रक्रिया और मतदान के समय मशीन के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
निर्वाचन कार्यालय ने सभी जिलों को अभियान के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदेश में 12,543 पोलिंग स्टेशन, हजारों EVM उपलब्ध
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशनों के लिए पर्याप्त मशीनों की उपलब्धता दर्ज की गई है।
| मशीन का प्रकार | उपलब्ध संख्या |
|---|---|
| बैलेट यूनिट (BU) | 27,700 |
| कंट्रोल यूनिट (CU) | 36,553 |
| वीवीपैट (VVPAT) | 25,697 |
| कुल पोलिंग स्टेशन | 12,543 |
इन मशीनों के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
चुनाव के लिए 1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध
निर्वाचन आयोग के अनुमान के अनुसार, विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए करीब 1,08,400 कार्मिकों की आवश्यकता होगी। इसके मुकाबले राज्य और केंद्र सरकार तथा सार्वजनिक उपक्रमों को मिलाकर 1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध हैं।
मतदान दलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के आवागमन के लिए भी परिवहन व्यवस्था की तैयारी की गई है।
| परिवहन व्यवस्था | आवश्यक वाहन |
|---|---|
| बसें | 3,319 |
| ट्रक | 310 |
| हल्के वाहन | 9,669 |
आयोग के अनुसार, चुनावी ड्यूटी और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए वाहनों की सूची तैयार कर ली गई है।
नवंबर में उत्तराखंड आ सकती है चुनाव आयोग की टीम
पिछले महीने चुनाव आयोग की एक टीम उत्तराखंड का दौरा कर चुकी है। नवंबर में भी आयोग की एक टीम प्रदेश पहुंच सकती है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अनुसार, दौरे की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
प्रस्तावित दौरे के दौरान चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया जा सकता है
मतदाता जागरूकता से लेकर बूथ व्यवस्था तक तैयारी
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए निर्वाचन विभाग मशीनों की उपलब्धता, मतदान कार्मिकों, परिवहन, बूथ व्यवस्थाओं और मतदाता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम कर रहा है।
16 नवंबर से शुरू होने वाला EVM जागरूकता अभियान चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्वाचन संबंधी जागरूकता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
