जिला मुख्यालय। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के संचालन को लेकर जिला प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत अभिरुचि (ईओआई) प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनका निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण किया गया।
बैठक के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने डीडीआरसी की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को पुनर्वास सेवाएं, विशेषज्ञ परामर्श, सहायक उपकरण, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें आवश्यक सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है।
बैठक में भाग लेने वाली विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं ने अपनी उपलब्ध मानव संसाधन क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता, आवश्यक उपकरणों, वर्तमान में संचालित कार्यक्रमों तथा डीडीआरसी के माध्यम से प्रस्तावित सेवाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं, योजनाओं और लाभों की भी जानकारी साझा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रस्तावों का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण सहित शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों के आधार पर परीक्षण किया। समिति ने प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, डॉ. अमित मेहरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
