देहरादून। सोशल मीडिया पोस्टों को हटाने और अकाउंट बैन कराने की कार्रवाई को लेकर सोमवार को देहरादून में साइबर पुलिस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान युवा नेता संजय सिलस्वाल समेत उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने साइबर पुलिस से जवाब तलब किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से पुलिस आईटी एक्ट का हवाला देकर कई सोशल मीडिया पोस्टों को भारत में ब्लॉक (India Ban) करवा रही है, जबकि संबंधित पोस्टों में आईटी एक्ट का कोई स्पष्ट उल्लंघन नहीं हुआ है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त कारण बताए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
युवा नेता संजय सिलस्वाल ने साइबर पुलिस अधिकारियों से पूछा कि किन कानूनी प्रावधानों के तहत सोशल मीडिया पोस्ट हटाने या अकाउंट बैन कराने की सिफारिश की जा रही है। उन्होंने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और कार्रवाई का स्पष्ट आधार सार्वजनिक करने की मांग की।
यूकेडी और अन्य संगठनों ने कहा कि यदि किसी पोस्ट में कानून का उल्लंघन नहीं है, तो उसे हटाना उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से इस संबंध में लिखित जवाब देने और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
फिलहाल इस मामले में साइबर पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
