देहरादून, 7 सितंबर 2026: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (ICAR-IISWC), देहरादून में जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं टिकाऊ प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला “Integrated Water Resources Modeling and Basin Management Using MIKE Hydro Basin” का शुभारंभ हुआ।
8 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली इस कार्यशाला का आयोजन ICAR-IISWC, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA), देहरादून एवं DHI India के संयुक्त तत्वावधान में जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के INCCC Project के अंतर्गत किया जा रहा है।
कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से 400 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन एवं ऑन-साइट हाइब्रिड मोड में शामिल हुए हैं। इनमें हाइड्रोलॉजिस्ट, GIS विशेषज्ञ, पर्यावरण वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षण संस्थानों के संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हैं।
आयोजन अध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक (SWCE) डॉ. अमरीश कुमार ने कहा कि आधुनिक मॉडलिंग तकनीकों और वैज्ञानिक डेटा आधारित विश्लेषण का प्रभावी उपयोग जल संसाधनों के दीर्घकालिक नियोजन एवं संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक जलागम डॉ. ए.के. डिमरी, उप निदेशक SARRA डॉ. डी.एस. रावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश, डॉ. उदय मंडल, डॉ. रमा पाल सहित अनेक वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। वहीं राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. आर.पी. पांडे ने हिमालयी क्षेत्र में नदी पुनरुद्धार की रणनीतियों पर व्याख्यान दिया तथा डॉ. अजय अहिरवार ने MIKE Hydro Basin के मॉडल सेट-अप का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
